आगर-मालवा: देवी लोक परियोजना से प्रभावित प्रजापत समाज की मांगे, बिजली और पानी की सुविधा की गुहार
आगर-मालवा जिले के नलखेड़ा में लखुंदर नदी के किनारे बसे प्रजापत (कुम्हार) समाज के लोगों के सामने उनकी पारंपरिक आजीविका बचाने की चुनौती खड़ी हो गई है। माँ बगलामुखी मंदिर परिसर में निर्माणाधीन देवी लोक परियोजना के कारण उनकी कार्यस्थल की जमीन प्रभावित हो रही है। समाज के लोग यहां कई पीढ़ियों से मिट्टी की हिट-भट्ठियां बनाकर जीवनयापन कर रहे हैं।
- प्रजापत समाज के लोग माँ बगलामुखी देवी लोक परियोजना के निर्माण का समर्थन कर रहे हैं, लेकिन वे अपनी आजीविका की सुरक्षा के लिए चिंतित हैं।
- उन्हें 5 किलोमीटर दूर स्थानांतरित किया जा रहा है, लेकिन वहां बिजली और पानी जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं।
- समाज का कहना है कि हिट-भट्ठियां उनका केवल व्यवसाय नहीं, बल्कि उनकी सांस्कृतिक विरासत का हिस्सा हैं।
- लोगों का आरोप है कि उन्होंने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को आवेदन दिए, लेकिन अब तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ है।
समाज की प्रमुख मांगें:
- नए स्थल पर बिजली और पानी की तत्काल व्यवस्था की जाए।
- उनके वर्तमान स्थान से बेदखल करने से पहले उचित योजना और लिखित आश्वासन दिया जाए।
- आजीविका की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए स्थायी और सुविधाजनक स्थान प्रदान किया जाए।
- समाज द्वारा दिए गए आवेदनों पर शीघ्र कार्रवाई हो।
महत्वपूर्ण निर्देश: प्रशासन को सुनिश्चित करना चाहिए कि विकास कार्यों के साथ-साथ प्रभावित परिवारों की आजीविका को कोई खतरा न हो।
माँ बगलामुखी देवी लोक परियोजना निस्संदेह धार्मिक और पर्यटन विकास के लिए महत्वपूर्ण है। हालांकि, विकास की इस प्रक्रिया में उन परिवारों के हितों का ध्यान रखना भी अनिवार्य है, जिनकी जमीन या व्यवसाय इस परियोजना से प्रभावित हो रहे हैं। प्रजापत समाज का प्रशासन से सहयोग का वादा है, बशर्ते उन्हें सम्मानपूर्वक अपने पारंपरिक व्यवसाय को जारी रखने की सुविधा मिले। अब देखना होगा कि कब तक शासन-प्रशासन इस दिशा में ठोस कदम उठाता है।
Continue With Google